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जॉर्डन के क्राउन प्रिंस का खास जेस्चर, खुद ड्राइव कर म्यूजियम ले गए; दोनों देशों के बीच 5 अहम समझौते

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जॉर्डन की यात्रा पर है। पीएम मोदी के दौरे के दूसरे दिन क्राउन प्रिंस अल हुसैन बिन अब्दुल्ला का खास जेस्चर देखने को मिला। मंगलवार को क्राउन प्रिंस की ओर से पीएम मोदी को खास सम्मान दिया गया। क्राउन प्रिंस पीएम मोदी को जॉर्डन म्यूजियम तक लेकर गए और इस दौरान उन्होंने कार को खुद ड्राइव किया। बता दें, क्राउन प्रिंस पैगंबर मोहम्मद की 42वीं पीढ़ी के सीधे वंशज हैं। प्रधानमंत्री मोदी सोमवार को शाह अब्दुल्ला द्वितीय के निमंत्रण पर 2 दिवसीय यात्रा पर जॉर्डन की राजधानी अम्मान पहुंचे थे। पीएम मोदी की 4 दिवसीय 3 देशों की यात्रा का पहला पड़ाव जॉर्डन है। दोनों देशों के बीच 5 अहम समझौते हुए हैं। पीएम मोदी अपनी इस यात्रा के बाद इथियोपिया और ओमान भी जाएंगे।

किंग अब्दुल्ला के बड़े बेटे हैं प्रिंस हुसैनकिंग अब्दुल्ला और महारानी रानिया के 4 बच्चे हैं- प्रिंस हुसैन, प्रिंसेस इमान, प्रिंसेस सलमा और प्रिंस हाशेम। रानिया महिलाओं और बच्चों की पढ़ाई, अधिकार और पोषण के लिए काम करती हैं। रानिया दुनिया की सबसे सुंदर और मिलनसार महारानियों में शुमार हैं

मोदी बोले- भारत जॉर्डन का तीसरा बड़ा व्यापारिक साझेदार

मोदी ने कहा कि भारत जॉर्डन का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। कारोबार की दुनिया में आंकड़ों का बहुत महत्व होता है। हम यहां सिर्फ आंकड़े गिनने नहीं आए हैं, बल्कि एक दीर्घकालिक रिश्ता बनाने आए हैं। एक समय था जब गुजरात से यूरोप तक पेट्रा के रास्ते व्यापार होता था। हमें अपने भविष्य की समृद्धि के लिए उन पुराने संबंधों को फिर से जीवित करना होगा। मोदी ने कहा कि भारत और जॉर्डन दोनों अपनी संस्कृति और विरासत पर गर्व करते हैं। जॉर्डन और भारत, दोनों में सांस्कृतिक और विरासत पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। हमें फिल्म महोत्सवों में भागीदारी को बढ़ावा देना चाहिए। हम उम्मीद करते हैं कि अगली समिट में जॉर्डन से एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल शामिल होगा।

मोदी बोले- जॉर्डन के कारोबारियों के लिए अवसर के दरवाजे खुल रहे

अम्मान में भारत–जॉर्डन बिजनेस मीट के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत की विकास दर 8 प्रतिशत से ज्यादा है। यह उत्पादकता, बेहतर शासन और इनोवेशन पर आधारित नीतियों का नतीजा है। मोदी ने कहा कि जॉर्डन के निवेशकों और कारोबारियों के लिए नए अवसर के दरवाजे खुल रहे हैं। आज दुनिया को एक नए विकास इंजन और भरोसेमंद सप्लाई चेन की जरूरत है। भारत और जॉर्डन मिलकर इस जरूरत को पूरा करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कल उनकी जॉर्डन किंग से बातचीत हुई थी, जिसमें विस्तार से चर्चा हुई कि किस तरह से भौगोलिक स्थिति को अवसर में बदला जाए और अवसर को विकास में बदला जाए।

भारत-जॉर्डन के बीच डिजिटल गवर्नेंस को लेकर समझौता

भारत और जॉर्डन के बीच पांच अहम समझौते हुए हैं। इनमें संस्कृति, रिन्युएबल एनर्जी, जल प्रबंधन, डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण से जुड़े समझौते शामिल हैं। दोनों देशों ने संस्कृति के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने, रिन्युएबल और क्लीन एनर्जी परियोजनाओं पर साथ काम करने तथा जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन के लिए समझौते किए। डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर के तहत डिजिटल गवर्नेंस और तकनीक आधारित सार्वजनिक सेवाओं में साझेदारी को आगे बढ़ाने पर सहमति बनी। इसके अलावा जॉर्डन की विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक धरोहर पेट्रा और भारत की एलोरा गुफाओं के बीच ट्विनिंग समझौता हुआ। इससे विरासत संरक्षण, पर्यटन और आपसी सांस्कृतिक सहयोग को बढ़ावा मिलेगा।

भारत-जॉर्डन रिश्ते के 75 साल पूरे

भारत और जॉर्डन ने 1950 में राजनयिक संबंध स्थापित किए थे, जिसके 2025 में 75 साल पूरे हो गए हैं। मोदी इसी मौके पर जॉर्डन गए हैं। भारत, जॉर्डन का चौथा सबसे बड़ा ट्रेड पार्टनर है। दोनों देशों के बीच 2023-24 में 26,033 करोड़ रुपए का व्यापार हुआ। इसमें भारत का निर्यात करीब 13,266 करोड़ रुपए था। दोनों देशों ने द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाकर 5 अरब डॉलर यानी 45,275 करोड़ करने का लक्ष्य रखा है। भारत, जॉर्डन से बड़ी मात्रा में रॉक फॉस्फेट और फर्टिलाइजर का कच्चा माल खरीदता है। भारत के कुल रॉक फॉस्फेट आयात में जॉर्डन की हिस्सेदारी करीब 40% है। दूसरी तरफ जॉर्डन भारत से मशीनरी, पेट्रोलियम, अनाज, रसायन, मीट, ऑटो पार्ट्स और उद्योगों से जुड़े उत्पादों का आयात करता है। भारतीय कंपनियों ने जॉर्डन के फॉस्फेट और टेक्सटाइल सेक्टर में 1.5 अरब डॉलर से ज्यादा का निवेश किया है।

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