TMC के दो गुटों में झड़प, तोड़फोड़… जमकर हुई मारपीट में कई जख्मी

पच्छिम बंगाल : बंगाल के दक्षिण 24 परगना के भांगड़ में तृणमूल कांग्रेस के दो गुटों में झड़प हुई। पूर्व विधायक अराबुल इस्लाम के बेटे हकीमुल इस्लाम और मौजूदा विधायक शौकत मोल्ला के समर्थकों के बीच मारपीट व तोड़फोड़ हुई, जिसमें कई लोग घायल हो गए। हकीमुल की कार पर हमला हुआ और तृणमूल नेता प्रदीप मंडल की पिटाई की गई। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया। यह घटना शनिवार आधी रात को शुरू हुई। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले दक्षिण 24 परगना के भांगड़ में तृणमूल कांग्रेस की गुटबाजी खुलकर सामने आई है. रविवार को काशीपुर में शौकत और उसके करीबियों पर अराबुल के बेटे और तृणमूल डिस्ट्रिक्ट काउंसिल मेंबर हकीमुल की कार पर हमला करने का आरोप लगा.
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले तृणमूल कांग्रेस के नेताओं की गुटबाजी खुलकर सामने आ गई है. मारपीट और कारों में तोड़फोड़ के साथ तनाव चरम पर पहुंच गया. पुलिस घटना स्थल पर पहुंच गई और स्थिति को नियंत्रण में लाने की कोशिश कर रही है. वहीं, तृणमूल नेता प्रदीप मंडल को पीटने की कोशिश की गई. दोनों ही घटनाओं में शौकत के समर्थकों पर उंगली उठाई गई. तृणमूल कांग्रेस के नेताओं ने दावा किया कि हकीमुल लगातार शौकत के नाम पर बदनामी और गलत जानकारी फैला रहे थे.
चुनाव से कुछ महीने पहले ही दक्षिण 24 परगना में अराबुल इस्लाम-कैसर अहमद बनाम शौकत मोल्लाह के बीच लड़ाई गरमा गई है. पूर्व विधायक अराबुल इस्लाम के बेटे और मौजूदा विधायक शौकत मोल्लाह के समर्थकों के बीच जमकर मारपीट व गाड़ी में तोड़फोड़ हुई, जिसमें कई जख्मी हो गए। दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट और हाथापाई हुई. भांगड़ पंचायत समिति नंबर 2 के चेयरमैन के घर पर हमले के बाद पूरा इलाका जंग के मैदान जैसा हो गया. बाद में पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में किया। आरोप है कि हकीमुल की कार पर तब हमला हुआ जब वह अदूत के घर से निकल रहा था. प्रदीप को पीटने की कोशिश की गई. हालांकि पुलिस के तुरंत दखल की वजह से बड़ा बवाल टल गया. उसके बाद शौकत के लोग वहां पहुंचे. उन्होंने हकीमुल की कार के चारों ओर विरोध प्रदर्शन करना शुरू कर दिया. काशीपुर पुलिस स्टेशन के OC और दूसरी फोर्स हालात को कंट्रोल करने गई.
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार अनुसार घटना शनिवार आधी रात को शुरू हुई. आरोप है कि शौकत के समर्थक स्थानीय तृणमूल नेता अदूत मोल्लाह के घर के सामने आए और उन्हें जान से मारने की धमकी दी. खबर मिलने के बाद प्रदीप, हकीमुल और इस्लाम समेत कई तृणमूल नेता वहां पहुंच गए. इसके बाद धीरे-धीरे हालात बिगड़ते गए.



