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पीएम मोदी के लिए कांग्रेस ने फ्लाइट टिकट बुक किया, कहा- इस प्लेन में बैठिए, लोग इंतजार कर रहे हैं, जानें पूरा मामला

Congress book flight ticket for PM Modi: पीएम मोदी के लिए कांग्रेस ने फ्लाइट टिकट बुक किया है। कांग्रेस ने फ्लाइट का टिकट बुक कर प्रधानमंत्री मोदी से कहा कि इस प्लेन में बैठिए। लोग आपका इंतजार कर रहे हैं। दरअसल आज प्रधानमंत्री मोदी असम के दौरे पर हैं। पिछले तीन महीने में पीएम मोदी का यह तीसरा असम दौरा है।

अब कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने प्रधानमंत्री मोदी के असम दौरे के दौरान मणिपुर हिंसा का मुद्दा उठाते हुए उन पर तंज कसा है। कांग्रेस ने प्रधानमंत्री के नाम पर गुवाहाटी से इम्फाल का फ्लाइट टिकट बुक कर दावा किया कि उन्हें बस एक घंटे की दूरी तय कर मणिपुर के लोगों को ढांढस बंधाना चाहिए।

असम के दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कांग्रेस ने तीखा हमला बोला है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक बेहद व्यंग्यात्मक पोस्ट साझा करते हुए प्रधानमंत्री से हिंसा प्रभावित मणिपुर जाने की अपील की। X पर एक पोस्ट में, खेड़ा ने तंज कसते हुए कहा, “चुनाव वाले राज्य हमेशा आपकी सर्वोच्च प्राथमिकता होते हैं, लेकिन मणिपुर को “छोड़ा नहीं जाना चाहिए। राज्य 2023 से जल रहा है, और अब फिर से जल रहा है। खेड़ा ने दोनों राज्यों के बीच कम दूरी की तरफ इशारा करते हुए लिखा- आप आज असम में हैं। मणिपुर यहां से सिर्फ एक घंटे की दूरी पर है। कृपया वहां भी जाइए। प्रधानमंत्री की उपस्थिति मणिपुर के लोगों को आश्वस्त करने में बहुत मददगार साबित हो सकती है।

‘मेरे पास आपका नंबर नहीं था…’:
कांग्रेस नेता ने फ्लाइट टिकट की फोटो साझा करते हुए लिखा- आपकी आसानी के लिए हमने गुवाहाटी से इम्फाल का टिकट बुक कर दिया है, आपको बस विमान में सवार होना है। चूंकि मेरे पास आपका नंबर नहीं था, इसलिए मैं टिकट यहीं साझा कर रहा हूं। उन्होंने केंद्र के ‘PM CARES’ फंड पर कटाक्ष करते हुए संदेश दिया कि प्रधानमंत्री वहां जाकर दिखाएं कि वह वाकई मणिपुर की परवाह करते हैं।

2023 से हिंसा की आग में जल रहा मणिपुर

बता दें कि मणिपुर में 2023 से जारी हिंसा और बीच-बीच में भड़कती घटनाओं को लेकर विपक्ष केंद्र सरकार पर सवाल उठाता रहा है। वहीं सरकार का कहना है कि शांति बहाली के प्रयास जारी हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से इस बयान पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। इस अनूठे राजनीतिक विरोध ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है। जहां कांग्रेस समर्थक इसे मणिपुर की अनदेखी का मुद्दा बना रहे हैं, वहीं आलोचक इसे राजनीतिक नौटंकी करार दे रहे हैं।

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