छत्तीसगढ़ शिक्षा विभाग में हलचल: दुर्ग के 2,552 शिक्षकों पर संकट, TET में असफलता पर सुप्रीम कोर्ट सख्त

दुर्ग: छत्तीसगढ़ के शिक्षा जगत से इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। दुर्ग जिले के लगभग 2,552 शिक्षकों की सरकारी नौकरी पर तलवार लटक गई है। सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को लेकर एक बड़ा आदेश जारी किया है, जिसके बाद उन शिक्षकों में हड़कंप मच गया है जो निर्धारित मापदंडों को पूरा करने में विफल रहे हैं। कोर्ट के इस कड़े रुख ने न केवल दुर्ग बल्कि पूरे प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में उथल-पुथल मचा दी है, क्योंकि यह मामला सीधे तौर पर शिक्षा की गुणवत्ता और अनिवार्य योग्यता से जुड़ा है।
पूरा मामला शिक्षकों के लिए अनिवार्य योग्यता ‘TET’ (Teacher Eligibility Test) परीक्षा से जुड़ा है। नियमों के मुताबिक, सरकारी स्कूलों में अध्यापन के लिए इस परीक्षा को पास करना अनिवार्य है, लेकिन दुर्ग जिले में एक बड़ी संख्या में ऐसे शिक्षक कार्यरत हैं जो इस परीक्षा को पास नहीं कर पाए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि बिना अनिवार्य योग्यता के शिक्षकों की सेवा को निरंतर रखना नियमों के विरुद्ध है। इस आदेश के बाद अब कयास लगाए जा रहे हैं कि आने वाले दिनों में शिक्षा विभाग इन शिक्षकों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें पदमुक्त कर सकता है।
इस आदेश का असर न केवल शिक्षकों के भविष्य पर पड़ेगा, बल्कि इससे स्कूलों की शैक्षणिक गतिविधियों पर भी गहरा प्रभाव पड़ने की संभावना है। एक साथ इतनी बड़ी संख्या में शिक्षकों के हटने से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी हो सकती है। फिलहाल, प्रभावित शिक्षक संगठन इस मामले में कानूनी विकल्प तलाश रहे हैं, वहीं प्रशासन कोर्ट के निर्देशों का पालन करने की तैयारी में जुट गया है। यह फैसला उन उम्मीदवारों के लिए एक बड़ी नजीर है जो भविष्य में शिक्षक बनने का सपना देख रहे हैं।



