होर्मुज स्ट्रेट तनाव के बीच ट्रंप का बड़ा दावा, बोले- ईरान संग जंग लगभग खत्म

अमेरिका-ईरान टकराव अब एक निर्णायक मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ईरान के साथ चल रही जंग अब “खत्म होने के बेहद करीब” है. ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के बीच तनाव कम करने के लिए पाकिस्तान की राजधानी में दोबारा बातचीत की कोशिशें जारी हैं. इनके अलावा अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट पर नेवी ब्लॉकेड भी लगा दिया है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ईरान के साथ जंग लगभग खत्म हो चुकी है. हालांकि उन्होंने यह भी संकेत दिया कि इस्लामाबाद में दोबारा शांति वार्ता शुरू हो सकती है.
ट्रंप ने एक इंटरव्यू में कहा कि अगर अमेरिका ने कार्रवाई नहीं की होती, तो आज ईरान के पास परमाणु हथियार होता. उन्होंने कहा, “अगर हमने हस्तक्षेप नहीं किया होता, तो आज ईरान न्यूक्लियर पावर बन चुका होता. और अगर ऐसा होता, तो दुनिया का संतुलन पूरी तरह बदल जाता.”
जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से सीधे पूछा गया कि क्या जंग खत्म हो चुकी है, तो उन्होंने जवाब दिया, “मुझे लगता है कि यह खत्म होने के बहुत करीब है.”
हालांकि, ट्रंप के बयानों के बीच एक दिलचस्प पहलू यह भी है कि उन्होंने बातचीत की संभावना को पूरी तरह खारिज नहीं किया है. उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले दो दिनों में इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच एक नई दौर की वार्ता शुरू हो सकती है.
उन्होंने कहा, “अगर मैं अभी सब कुछ छोड़ दूं, तो उन्हें उस देश को फिर से बनाने में 20 साल लग जाएंगे और हमने अभी फिनिश नहीं किया है और देखते हैं कि क्या होता है. मुझे लगता है कि वे (ईरान) डील करना चाहता है.”
हालांकि, ईरान भी अपनी शर्तों पर अड़ा हुआ है, खासकर यूरेनियम संवर्धन और होर्मुज स्ट्रेट पर नियंत्रण को लेकर. ऐसे में दोनों देशों के बीच मतभेद अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुए हैं. फिलहाल, दुनिया की नजर इस बात पर टिकी है कि आने वाले दिनों में क्या होता है.
दरअसल, पिछले वीकेंड इस्लामाबाद में हुई 21 घंटे लंबी वार्ता बिना किसी ठोस समझौते के खत्म हो गई थी. अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने बातचीत से बाहर निकलते हुए कहा था कि ईरान परमाणु कार्यक्रम छोड़ने को राजी नहीं है. बातचीत के फेल होने के बाद अमेरिका ने दबाव बढ़ाने के लिए होर्मुज स्ट्रेट के आसपास नेवी ब्लॉकेड लगा दिया है. अमेरिकी नौसेना ने ईरान से जुड़े जहाजों को रोकना शुरू किया, जिससे तेल सप्लाई पर असर पड़ा है.
इस्लामाबाद में अगर नई बातचीत सफल होती है, तो यह लंबे समय से चल रहे तनाव को खत्म करने की दिशा में बड़ा कदम हो सकता है. लेकिन अगर बातचीत फिर फेल होती है, तो हालात दोबारा बिगड़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता. रिपोर्ट्स के मुताबिक, ब्लॉकेड के पहले ही दिन कई जहाजों ने रास्ता बदल लिया और कुछ को वापस लौटना पड़ा. हालांकि, अंतरराष्ट्रीय जहाजों की आवाजाही पूरी तरह नहीं रुकी, लेकिन इस कदम से बाजार में चिंताएं जरूर बढ़ीं.



