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व्हाइट हाउस का स्पष्ट बयान: ईरान ने सीजफायर बढ़ाने की मांग नहीं की, समुद्री प्रतिबंध रहेंगे जारी

अमेरिका : अमेरिका ने साफ-साफ शब्दों में अभी के लिए सीजफायर को 2 हफ्ते से अधिक बढ़ाने के लिए अनुरोध करने की खबरों को खारिज कर दिया है. व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लीविट ने कहा कि सुबह मैंने कुछ गलत रिपोर्टिंग देखी, जिसमें कहा गया था कि अमेरिका ने औपचारिक रूप से सीजफायर बढ़ाने का अनुरोध किया है. यह बात सच नहीं है. ईरान से जुड़े समुद्री प्रतिबंध ईरानी बंदरगाहों से आने-जाने वाले सभी देशों के जहाजों पर लागू होगा.

अमेरिका-ईरान तनाव के बीच सीजफायर बढ़ाने की खबरों को व्हाइट हाउस ने खारिज कर दिया है. व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने कहा कि कोई औपचारिक अनुरोध नहीं किया गया है. सब सिर्फ केवल अफवाह है.

अमेरिका और ईरान तनाव के बीच सीजफायर को लेकर तरह-तरह अटकलें सामने आ रही हैं. मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया कि सीजफायर की डेडलाइन बढ़ाई जा सकती है. इसी बीच, व्हाइट हाउस ने इन दावों को साफ तौर पर खारिज कर दिया है. बुधवार को व्हाइट हाउस ने कहा कि ऐसी रिपोर्टें सही नहीं हैं, जिनमें दावा किया गया था कि वॉशिंगटन ने औपचारिक रूप से ईरान के साथ जारी सीजफायर को बढ़ाने की मांग की है.

ईरान की नाकेबंदी पर सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म एक्‍स पोस्‍ट में व्हाइट हाउस प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने कहा, “इसे पूरी तरह से लागू कर दिया गया है, और इसे ईरान के बंदरगाहों में आने या वहां से जाने वाले सभी देशों के जहाजों पर लागू किया जा रहा है… इसमें अरब खाड़ी और ओमान की खाड़ी के सभी ईरानी बंदरगाह शामिल हैं.”

लेविट ने कहा कि अमेरिका मौजूदा माध्यमों के ज़रिए ईरान के साथ बातचीत में लगा हुआ है. सीनियर लेवल पर चर्चाएं जारी हैं. इस बयान के बाद यह साफ हो गया है कि सीजफायर को लेकर अभी तक अमेरिका की तरफ से कोई औपचारिक पहल नहीं हुई है. हालांकि, मिडिल-ईस्ट में जारी तनाव के बीच इस मुद्दे पर दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं.

व्हाइट हाउस प्रेस सेक्रेटरी ने कहा, “हम इन बातचीत और चर्चाओं में पूरी तरह से शामिल हैं. आपने इस हफ़्ते सीधे उपराष्ट्रपति और राष्ट्रपति से सुना होगा कि ये बातचीत काफ़ी सार्थक हैं और अभी भी जारी हैं. फ़िलहाल हम इसी स्थिति में हैं.”

संभावित सीधी बातचीत की रिपोर्टों पर बात करते हुए, उन्होंने कहा कि आमने-सामने की मुलाकातों पर चर्चा चल रही है, लेकिन अभी तक कुछ भी तय नहीं हुआ है. उन्होंने कहा, “हमें किसी समझौते की संभावनाओं को लेकर अच्छा लग रहा है. राष्ट्रपति की मांगों को पूरा करना ईरान के ही सबसे बड़े हित में है.”

यूएस सेंट्रल कमांड के अनुसार, ईरानी बंदरगाहों में आने-जाने वाले जहाजों पर अमेरिकी नाकेबंदी के पहले 48 घंटों के दौरान, कोई भी जहाज अमेरिकी सेनाओं को पार नहीं कर पाया है. इसके अलावा, 9 जहाजों ने अमेरिकी सेनाओं के निर्देश का पालन करते हुए वापस मुड़कर किसी ईरानी बंदरगाह या तटीय क्षेत्र की ओर लौट गए हैं.

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