Sushan Tihar 2026: छत्तीसगढ़ की साय सरकार का सुशासन तिहार, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मई में गांव- गांव के दौरे पर

रायपुर।27 अप्रैल 2026| ढाई साल के कामकाज का फीडबैक लेने, सरकारी योजनाओं के प्रचार और सरकारी सिस्टम को दुरुस्त करने के इरादे से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मई में गांव- गांव के दौरे पर निकलने वाले हैं। हर साल की तरह इस साल भी सुशासन तिहार मना कर जनता को बेहतर सुविधाएं देने और उनकी समस्याओं को दूर करने का प्रयास सरकार करेगी। इसके लिए कलेक्टरों को दिशा-निर्देश और गाइड लाइन जारी हो चुकी है। खुद मुख्यमंत्री भी इसकी तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं।
उच्च पदस्थ सूत्रों ने बताया कि इस बार मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गहराई से जाकर सरकारी सिस्टम की समीक्षा करने का फैसला किया है। दौरों के बीच होने वाली समीक्षा में हर जिले के रिपोर्ट कार्ड का विश्लेषण किया जाएगा। जनता की सुविधाएं रोकने या फायदे से उन्हें वंचित करने वाले अथवा बेवजह काम को लटकाए रखने और काम रोकने वालों पर मुख्यमंत्री की गाज गिर सकती है। इसमें कलेक्टर से लेकर बाबू तक का सरकारी अमला निशाने पर रहेगा। कलेक्टर्स कांफ्रेंस में पहले ही कलेक्टरों को सरकार की प्राथमिकताएं बताई जा चुकी हैं। उसकी अनुसार जिलों में गांव के दौरे के वक्त जनता से फीड बैक लिया जाएगा और साथ ही सरकारी योजनाओं के फायदे की समीक्षा की जाएगी। इसके अलावा जनता से मिलने वाले आवेदनों के त्वरित निपटारे पर भी मुख्यमंत्री की निगाह रहेगी। इसमें सरकार ने पहले ही कलेक्टरों को कह दिया है कि सुशासन तिहार के लिए जनता से आवेदन लेकर त्वरित निपटारे का प्रयास किया जाए। चूंकि समयसीमा तय है, इस कारण ऐसे आवेदनों के आंकड़े भी मुख्यमंत्री खुद देखेंगे। हर विभाग को जनता की सुविधा के अनुसार काम करने और समस्याओं को दूर करने कहा गया है।
राजस्व अमले पर विशेष निगाह
सूत्रों ने बताया कि इस बार राजस्व के लंबित प्रकरणों की जानकारी प्राथमिकता से ली जाएगी। जनता से राजस्व प्रकरणों पर अधिक नकरात्मक फीड बैक मिलता है। अक्सर यह बात सामने आती है कि बंटवारा, नामांतरण, सीमांकन, ऋण पुस्तिका जैसे कामों को राजस्व निरीक्षक और पटवारी स्तर पर अटका कर रखा जाता है। साथ ही इसके निपटारे के लिए अत्यधिक समय लिया जाता है, जो जनता के लिए पीड़ादायक हो जाता है। राजस्व मामलों के निपटारे के आधार पर ही कलेक्टर के कामकाज का मूल्यांकन किया जाएगा। संकेत हैं कि राजस्व मामले अत्यधिक संख्या में लंबित रहने अथवा गंभीर तरह की शिकायत आने पर राजस्व अमले पर मुख्यमंत्री गाज गिरा सकते हैं। डायवर्सन जैसे काम ऑनलाइन कर दिए गए हैं, ताकि जनता को किसी तरह की परेशानी न हो।
शिविरों की तारीख तय, उसी अनुसार औचक पहुंचेंगे मुख्यमंत्री
उच्च पदस्थ सूत्रों ने बताया कि जिलों में एक मई से सुशासन तिहार के अंतर्गत गांवों में पंचायतों और विकासखंड वार जनसमस्या निवारण शिविर की तारीख पहले से तय रहेगी। उसी हिसाब से मुख्यमंत्री अचानक किसी भी जिले के गांवों का दौरा कर सकते हैं। प्रशासन को निर्देश दिए जा चुके हैं कि शिविर लगाकर नागरिकों की समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जाए।



