दिनभर की बड़ी खबरें: पत्नी की हत्या कर टुकड़े करने वाले दरिंदे को उम्रकैद; PHC के स्टॉक रूम में मिलीं भारी मात्रा में एक्सपायरी दवाइयां

बस्तर जिले के जगदलपुर में हत्या का एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां खेत में बोर खनन को लेकर दो भाइयों के बीच हुए विवाद ने खूनी रूप ले लिया और मारपीट में 60 वर्षीय बुजुर्ग की मौत हो गई है। यह घटना बड़ांजी थाना क्षेत्र की है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी को लेकर एक बार फिर सियासत गरमा गई है। इस पूरे मामले पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का एक बड़ा बयान सामने आया है, जिसने सियासी गलियारों में हलचल तेज कर दी है। पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव के हालिया बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए भूपेश बघेल ने साफ रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि मैं टीएस सिंहदेव के किसी भी बयान पर प्रतिक्रिया नहीं देता।
बलरामपुर। जिले के वाड्रफनगर विकासखंड अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) बलंगी में स्वास्थ्य विभाग की घोर लापरवाही उजागर हुई है। यहां मरीजों को जीवन देने वाली दवाइयां ही अब मौत का खतरा बनती नजर आ रही हैं। अस्पताल के स्टॉक रूम में बड़ी मात्रा में एक्सपायरी दवाइयां पड़ी मिली हैं, जिन्हें महीनों बाद भी न तो डिस्पोज किया गया और न ही सुरक्षित तरीके से अलग रखा गया। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर मरीजों की जान से खिलवाड़ करने की इतनी बड़ी लापरवाही का जिम्मेदार कौन है? क्या स्वास्थ्य विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा था?
बिलासपुर। अवैध संबंध के शक में पत्नी की हत्या कर शव के टुकड़े कर पानी की टंकी में छिपाने और नकली नोट छापने के मामले में कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है. बिलासपुर की विशेष न्यायाधीश (एनआईए) अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है. कोर्ट ने हत्या, साक्ष्य मिटाने और नकली नोट रखने के मामले में अलग-अलग सजाएं सुनाईं. यह फैसला विशेष न्यायाधीश सिराजुद्दीन कुरैशी की अदालत ने सुनाया है.
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किला मैदान में आयोजित जनजातीय महा समागम में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शामिल हुए। भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के अवसर पर जनजातीय सुरक्षा मंच (JSM) के बैनर तले आयोजित इस कार्यक्रम में देशभर से बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग पहुंचे। सम्मेलन में धर्म परिवर्तन कर चुके लोगों को अनुसूचित जनजाति (ST) श्रेणी से बाहर करने और डी-लिस्टिंग कानून लागू करने की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई।



