बेंगलुरु से बड़ी खबर: ब्रेकफास्ट मीटिंग में भावुक हुए सिद्धारमैया, मंत्रियों से कहा- आज ही दूंगा इस्तीफा; डीके शिवकुमार ने छुए पैर।

CM Siddaramaiah Breakfast Meeting: कर्नाटक की राजनीति ( Karnataka Politics) का आज अहम दिन है। कर्नाटक की कांग्रेस सरकार के भीतर बड़े नेतृत्व परिवर्तन की कवायद शुरू हो गई है। सीएम सिद्धारमैया के 2.5 साल कार्यकाल खत्म होने के बाद आज इस्तीफा देंगे। वहीं डीके शिवकुमार (DK Shivakumar) कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री बन सकते हैं। इस्तीफे की अटकलों के बीच मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने आज मंत्रियों की ब्रेकफास्ट मीटिंग (Breakfast Meeting) बुलाई है। ब्रेकफास्ट मीटिंग में सभी मंत्री पहुंच गए हैं। डीके शिवकुमार भी पहुंच गए हैं। ब्रेकफास्ट मीटिंग शुरू हो गई है। चर्चा है कि ब्रेकफास्ट मीटिंग के बाद सिद्धारमैया आज मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देंगे।
इधर सीएम सिद्धारमैया की ब्रेकफास्ट मीटिंग के मेन्यू में इडली-वड़ा- मसाला डोसा रखा गया है। इसके अलावे मेन्यू में अन्य डिश को भी रखा गया है। ब्रेकफास्ट के बीच बैठक चल रही है। यह मीटिंग कर्नाटक के मुख्यमंत्री के सरकारी आवास कावेरी में चल रही है। मंत्रियों की ब्रेकफास्ट मीटिंग के बाद सिद्धारमैया सीएम पद से इस्तीफा देने के लिए राजभवन जाकर इस्तीफा सौंप सकते हैं।
मुख्यमंत्री पद से सिद्धारमैया के इस्तीफे को लेकर बनी अगर-मगर की स्थिति पर सीएमओ की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री के दफ्तर ने सिद्धारमैया के इस्तीखे की पुष्टि कर दी है। कर्नाटक मुख्यमंत्री के कार्यालय की ओर से कहा गया है कि सिद्धारमैया आज सीएम पद से इस्तीफा देंगे। सीएमओ की ओर से यह बयान तब आया है, जब राज्यपाल के बेंगलुरु से आज सुबह-सुबह ही रवाना होने की बात सामने आई। सीएमओ ने इसी पर यह स्पष्ट किया है कि राज्यपाल के गैरमौजूद रहने पर भी उनके दफ्तर को इस्तीफा सौंपा जाएगा।
कहानी में आया ट्विस्ट, राज्यपाल इंदौर में
सिद्धारमैया ने राज्यपाल थावरचंद गहलोत से मुलाकात के लिए समय मांगा था। उन्होंने इस्तीफा देने के लिए दोपहर 3 बजे तक का समय मांगा था। हालांकि, राज्यपाल पारिवारिक कारणों के चलते इंदौर में हैं। ऐसे में सिद्धारमैया राज्यपाल दफ्तर को अपना इस्तीफा सौंप सकते हैं। नियमानुसार राज्यपाल राज्य में मौजूद न हों तब भी मुख्यमंत्री लिखित इस्तीफा राजभवन के अधिकारियों को ई-मेल से या खुद जाकर दे सकते हैं।
सिद्धारमैया को राष्ट्रीय राजनीति में बड़ी भूमिका निभाने का प्रस्ताव
इधर सूत्रों का दावा है कि 2029 लोकसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस नेतृत्व ने सिद्धारमैया को राष्ट्रीय राजनीति में बड़ी भूमिका निभाने का प्रस्ताव दिया है। पार्टी चाहती है कि वे दिल्ली जाकर कांग्रेस के प्रमुख ओबीसी चेहरों में से एक के रूप में काम करें और सामाजिक न्याय, जातिगत जनगणना तथा पिछड़ा वर्ग राजनीति के मुद्दों पर पार्टी की रणनीति को मजबूत करें। कांग्रेस नेतृत्व ने सिद्धारमैया को पूरी तरह आश्वस्त किया है कि यदि वे दिल्ली आने के लिए तैयार होते हैं, तो उनकी सभी चिंताओं और क्षेत्रीय हितों का पूरा ख्याल रखा जाएगा। उन्हें राज्यसभा के रास्ते संसद भेजने और AICC में बड़ा पद सौंपा जाएगा।



