NEET परीक्षा पर महामंथन: क्या सेना संभालेगी कमान? रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के घर चल रही शीर्ष नेताओं की बैठक

NEET पेपर लीक मामले में भारी फजीहत झेल रही सरकार अब एक्शन मोड पर आ गई है. इस पूरे विवाद को लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के घर बड़ी बैठक चल रही है. सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, NTA महानिदेशक अभिषेक सिंह और पीएमओ के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं. सूत्रों का कहना है कि ये बैठक नीट-यूजी परीक्षा में पेपर लीक और अन्य शिकायतों के समाधान पर विचार-विमर्श के लिए बुलाई गई है.
बैठक में नीट परीक्षा की पारदर्शिता बढ़ाने, छात्रों की चिंताओं को दूर करने और आगे की रणनीति पर चर्चा की जा रही है. कहा जा रहा है कि, केंद्र सरकार भविष्य में प्रश्नपत्रों की सुरक्षित ढुलाई और संरक्षण की जिम्मेदारी सेना को सौंप सकती है, ताकि पेपर लीक जैसी घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके और परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनी रहे.
NTA के डायरेक्टर को किया तलब
विवाद के केंद्र में रही एजेंसी एनटीए (NTA) के डायरेक्टर जनरल अभिषेक सिंह को इस बैठक में विशेष रूप से तलब किया गया है. उनके साथ प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद हैं जो परीक्षा के आयोजन में हुई गड़बड़ियों और शिकायतों पर सीधा फीडबैक ले रहे हैं.
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) और शिक्षा मंत्रालय इस वक्त नीट विवाद से घिरा हुआ है. छात्रों के लगातार विरोध प्रदर्शन और विपक्ष द्वारा शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की लगातार मांग के बीच केंद्र सरकार उच्च स्तर पर मामले की समीक्षा कर रही है.
अब तक 10 से ज्यादा आरोपी गिरफ्तार
नीट-यूजी 2026 परीक्षा 3 मई को आयोजित हुई थी, जिसके बाद पेपर लीक के आरोपों के चलते परीक्षा रद्द कर दी गई है. CBI ने इस मामले की जांच में धीरे-धीरे पॉइंट्स को जोड़ रही है और अब तक 10 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें पुणे के केमिस्ट्री प्रोफेसर पी.वी. कुलकर्णी (मास्टरमाइंड माना जा रहा है), लातूर के डॉक्टर मनोज शिरुरे, पुणे के फिजिक्स टीचर तेजस हर्षदकुमार शाह और अन्य शिक्षक एवं कोचिंग से जुड़े लोग शामिल हैं.
बता दें कि कुलकर्णी को इस पूरे पेपर लीक मामले का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है. एजेंसी की जांच में सामने आया था कि प्रोफेसर कुछ सालों पहले सब्जेक्ट ऑबजर्बर के तौर पर एनटीए से जुड़ा था, लेकिन धीरे-धीरे उसने लापरवाही का फायदा उठाकर अपनी पहुंचे फाइनल होने वाले अंतिम पेपरों तक बना ली. CBI के अनुसार, NTA से जुड़े कुछ लोगों ने अपनी पहुंच का दुरुपयोग कर प्रश्न लीक किए और उन्होंने ही पेपर को आगे छात्रों और कोचिंग संचालकों तक पहुंचाया गया.



