Uncategorized

AAP छोड़ BJP में शामिल होने पर राघव चड्ढा की सफाई: बोले—देशहित में लिया फैसला

नई दिल्ली: राघव चड्ढा के आम आदमी पार्टी (AAP) छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने के फैसले ने सियासी हलकों में हलचल तेज कर दी है। इस बीच सोमवार (27 अप्रैल) को उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर अपने निर्णय पर विस्तार से सफाई दी। वीडियो संदेश में चड्ढा ने कहा कि यह फैसला अचानक नहीं लिया गया, बल्कि लंबे समय से चल रही परिस्थितियों और विचार-विमर्श के बाद उन्होंने यह कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य हमेशा देशहित और जनता की सेवा रहा है, और आगे भी वह उसी दिशा में कार्य करते रहेंगे।

उन्होंने अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं से अपील करते हुए कहा कि उनके इस फैसले को व्यक्तिगत स्वार्थ से जोड़कर न देखा जाए, बल्कि इसे एक राजनीतिक निर्णय के रूप में समझा जाए। राघव चड्ढा के इस कदम पर विपक्षी दलों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है और इसे अवसरवाद करार दिया है। वहीं, बीजेपी ने उनके पार्टी में शामिल होने को एक महत्वपूर्ण राजनीतिक उपलब्धि बताया है। इस बीच उन्होंने इंस्टाग्राम पर साझा किए गए एक वीडियो में अपने निर्णय को लेकर मिल रही प्रतिक्रियाओं का जिक्र किया है। वीडियो में चड्ढा ने कहा, “पिछले तीन दिनों से मुझे आप सभी से बहुत सारे संदेश मिल रहे हैं। आप में से अधिकतर लोग मुझे शुभकामनाएं दे रहे हैं और बधाई दे रहे हैं। वहीं कुछ लोग मेरे इस फैसले के पीछे की वजह जानना चाहते हैं।”

उन्होंने बताया कि लोगों की जिज्ञासा को देखते हुए ही उन्होंने यह वीडियो जारी किया है, ताकि अपने फैसले के कारणों को साफ तौर पर सबके सामने रख सकें। चड्ढा ने दोहराया कि उनका यह कदम सोच-समझकर लिया गया है और इसका मकसद केवल जनता की सेवा और देशहित में काम करना है। उन्होंने समर्थकों से अपील की कि वे उनके इस निर्णय को सकारात्मक नजरिए से देखें।

15 साल के सफर का जिक्र

वीडियो में चड्ढा ने कहा कि उन्होंने अपने जीवन के 15 साल आम आदमी पार्टी को समर्पित किए। खुद को पार्टी का संस्थापक सदस्य बताते हुए उन्होंने कहा, “मैं राजनीति में करियर बनाने नहीं आया था। मैं एक राजनीतिक दल का संस्थापक सदस्य बना। मैंने अपनी जवानी के 15 साल इस पार्टी को अपने खून-पसीने और कड़ी मेहनत से दिए।” उन्होंने अपने बयान में यह संकेत दिया कि पार्टी के साथ उनका जुड़ाव केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि भावनात्मक भी रहा है। चड्ढा ने कहा कि लंबे समय तक पार्टी के लिए काम करने के बाद यह फैसला लेना आसान नहीं था, लेकिन परिस्थितियों को देखते हुए उन्हें यह कदम उठाना पड़ा।

पार्टी के कामकाज की कड़ी आलोचना

भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने के बाद जारी वीडियो में उन्होंने पार्टी के भीतर के माहौल पर गंभीर आरोप लगाए। चड्ढा ने कहा कि समय के साथ पार्टी में बड़ा बदलाव आ गया है और अब यह वैसी नहीं रही जैसी पहले हुआ करती थी। उन्होंने आरोप लगाया, “आज यह पार्टी पुरानी पार्टी नहीं रही। आज इस पार्टी में काम करने का माहौल बहुत खराब है। आपको काम करने से रोका जाता है। आपको संसद में बोलने से रोका जाता है।” उन्होंने संकेत दिया कि पार्टी के अंदर काम करने की स्वतंत्रता सीमित हो गई है, जिसके चलते उनके लिए काम करना मुश्किल होता जा रहा था। चड्ढा के इस बयान को AAP नेतृत्व पर सीधा हमला माना जा रहा है।

BJP में शामिल होने का कारण

सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में उन्होंने कहा कि वह लंबे समय से पार्टी के भीतर खुद को अलग-थलग महसूस कर रहे थे। चड्ढा ने कहा कि उन्हें लगातार बेगानापन महसूस हो रहा था और धीरे-धीरे उन्हें यह अहसास होने लगा कि वह सही व्यक्ति हैं, लेकिन गलत पार्टी में हैं। उन्होंने कहा, “मुझे लगने लगा था कि मैं सही व्यक्ति हूं, लेकिन गलत पार्टी में हूं।”

उन्होंने यह भी बताया कि इस स्थिति के चलते उन्होंने कई विकल्पों पर गंभीरता से विचार किया। इनमें राजनीति से पूरी तरह दूरी बनाना, पार्टी के भीतर रहकर सुधार की कोशिश करना या फिर किसी अन्य राजनीतिक मंच से जुड़ना शामिल था। चड्ढा के मुताबिक, काफी सोच-विचार के बाद उन्होंने तीसरा विकल्प चुना और अंततः बीजेपी में शामिल होने का फैसला किया। उन्होंने इसे अपने राजनीतिक सफर का नया अध्याय बताते हुए कहा कि अब वह नए मंच के जरिए जनता की सेवा करने की कोशिश करेंगे।

‘7 लोग गलत नहीं हो सकते’

सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में उन्होंने कहा कि उनका यह निर्णय व्यक्तिगत नहीं, बल्कि व्यापक असंतोष का परिणाम है। चड्ढा ने दावा करते हुए कहा, “एक नहीं, दो नहीं, तीन नहीं, चार नहीं, पांच नहीं, छह नहीं, बल्कि सात सांसदों ने इस राजनीतिक दल से अपना संबंध तोड़ने का फैसला किया है।” उन्होंने अपने बयान में आगे कहा, “एक व्यक्ति गलत हो सकता है, दो लोग गलत हो सकते हैं, लेकिन सात लोग गलत नहीं हो सकते।” चड्ढा के इस दावे को AAP के भीतर बड़े स्तर पर असंतोष के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, इस पर पार्टी की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।

इस्तीफे के पीछे दबाव या डर को नकारा

सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका इस्तीफा किसी दबाव या डर का परिणाम नहीं था। चड्ढा ने कहा, “हमने डर के कारण नहीं, बल्कि निराशा, मोहभंग और घृणा के कारण इस्तीफा दिया।” उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी छोड़ने के बावजूद उनकी राजनीतिक सक्रियता जारी रहेगी और वह पहले से अधिक ऊर्जा के साथ जनता की समस्याओं को उठाते रहेंगे। उन्होंने कहा, “मैं और अधिक ऊर्जा और उत्साह के साथ आपकी समस्याओं को उठाना जारी रखूंगा।”

इस राजनीतिक घटनाक्रम का असर सोशल मीडिया पर भी देखने को मिला। AAP छोड़ने और BJP में शामिल होने के 24 घंटे के भीतर ही राघव चड्ढा को भारी प्रतिक्रिया का सामना करना पड़ा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनके इंस्टाग्राम फॉलोअर्स में तेज गिरावट दर्ज की गई। बताया जा रहा है कि उनके 10 लाख से अधिक फॉलोअर्स कम हो गए, जो बाद में बढ़कर करीब 20 लाख तक पहुंच गए।

BJP के खिलाफ पुराने बयान वायरल

राघव चड्ढा के आम आदमी पार्टी (AAP) छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने के फैसले ने सोशल मीडिया पर तीखी बहस छेड़ दी है। जहां एक ओर कुछ लोग उनके इस कदम को राजनीतिक निर्णय बता रहे हैं, वहीं बड़ी संख्या में उनके समर्थकों ने बीजेपी में शामिल होने के फैसले की आलोचना की है। कई यूज़र्स ने इसे उनके पुराने रुख के विपरीत बताया और सवाल उठाए। सोशल मीडिया पर उनके पुराने वीडियो क्लिप और बयान भी तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें वह बीजेपी की आलोचना करते नजर आते थे। इन क्लिप्स के फिर से सामने आने के बाद उनके राजनीतिक बदलाव को लेकर बहस और तेज हो गई है।

Related Articles

Back to top button