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CG News : कार से 760 मोबाइल और 95 किलो चांदी बरामद, 5 आरोपी गिरफ्तार

वाहन चेकिंग के दौरान अंबिकापुर पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी। ओमनी कार की तलाशी के दौरान पुलिस ने अवैध रूप से ले जा रहे 760 मोबाइल फोन और करीब 95 किलो चांदी के साथ 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के मुताबिक आरोपियों के कब्जे से 110 नग स्मार्टफोन, 650 नग कीपैड मोबाइल, 95.500 किलोग्राम चांदी की पायल और एक ओमनी कार जब्त की गई है। जब्त सामान की कीमत लाखों में बताई जा रही है।

साइबर फ्रॉड में इस्तेमाल होते थे मोबाइल

प्राथमिक जांच में सामने आया है कि आरोपी इन मोबाइल फोन का इस्तेमाल साइबर फ्रॉड और ठगी के मामलों में किया करते थे। पुलिस को आशंका है कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और विभिन्न राज्यों में ठगी की वारदातों को अंजाम देता था।

सभी आरोपी मुर्शिदाबाद के रहने वाले

गिरफ्तार किए गए सभी पांच आरोपी पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के रहने वाले बताए जा रहे हैं। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि मोबाइल और चांदी कहां से लाई गई थी और किन लोगों तक इसकी सप्लाई की जानी थी। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।

महासमुंद में पकड़ाया था 9.27 करोड़ का सोना

इससे पहले सोमवार को छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गुजरात पासिंग की कार से 9 करोड़ 27 लाख रुपये के सोने के आभूषण जब्त किए थे। यह कार्रवाई सिंघोड़ा थाना क्षेत्र के रेहटीखोल चेकपोस्ट पर वाहन चेकिंग के दौरान की गई।

पुलिस के मुताबिक, NH-53 पर नियमित जांच के दौरान ओडिशा से छत्तीसगढ़ की ओर आ रही एक कार को रोका गया। तलाशी लेने पर कार की पिछली सीट के नीचे बने गुप्त चैंबर से 7512.488 ग्राम सोने के आभूषण बरामद हुए। जांच के दौरान कार सवार तीनों व्यक्तियों से जब्त सोने के वैध दस्तावेज मांगे गए, लेकिन वे कोई संतोषजनक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद पुलिस ने सोने के आभूषणों को जब्त कर तीनों को हिरासत में लिया।

पकड़े गए आरोपियों की पहचान गुजरात के राजकोट निवासी जयेश अकबरी, सुनीत कारेना और रूशी अग्रावत के रूप में हुई है। पुलिस को शक है कि सोने की तस्करी गुप्त तरीके से की जा रही थी। सिंघोड़ा पुलिस ने प्रारंभिक कार्रवाई के बाद पूरे मामले को आगे की जांच के लिए आयकर विभाग और राजस्व सूचना निदेशालय (DRI) को सौंप दिया है। अधिकारियों द्वारा अब सोने के स्रोत, परिवहन और संभावित कारोबारी नेटवर्क की जांच की जा रही है।

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