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बीजापुर हादसे से लिया सबक: सुकमा में तेंदूपत्ता संग्रहण केंद्रों की सुरक्षा जांचने पहुंचे अफसर, लापरवाही पर दी सीधे एक्शन की चेतावनी

बीजापुर जिले के तेंदूपत्ता गोदाम में हाल ही में हुई भीषण आगजनी की घटना के बाद अब सुकमा जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। लगातार सामने आ रही आगजनी की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए बुधवार को कलेक्टर अमित कुमार और वन विभाग के अधिकारियों ने जिले के तेंदूपत्ता गोदामों का औचक निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान अधिकारियों ने गोदाम प्रबंधन को अग्नि सुरक्षा को लेकर कड़े निर्देश दिए और किसी भी प्रकार की लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी।

कलेक्टर, एसपी और डीएफओ ने किया औचक निरीक्षण

सुकमा जिले में हुए इस हाई-लेवल निरीक्षण में कलेक्टर अमित कुमार, पुलिस अधीक्षक किरण चौहान, वन मंडलाधिकारी अक्षय दिनकर भोसले और जिला पंचायत सीईओ मुकुंद ठाकुर प्रमुख रूप से मौजूद रहे। वरिष्ठ अधिकारियों के अचानक पहुंचे निरीक्षण दल से गोदाम प्रबंधन और मैदानी अमले में हड़कंप की स्थिति रही।

अधिकारियों ने गोदामों में रखे तेंदूपत्तों के भंडारण, सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली का बारीकी से निरीक्षण किया। साथ ही सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर मौके पर मौजूद कर्मचारियों और प्रबंधकों से जानकारी भी ली गई।

फायर सेफ्टी सिस्टम की बारीकी से जांच

निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों के साथ अग्निशमन विभाग और पुलिस की विशेष टीमें भी मौजूद रहीं। अधिकारियों ने गोदामों के चप्पे-चप्पे का निरीक्षण करते हुए वहां लगाए गए फायर फाइटिंग सिस्टम, पानी की उपलब्धता, अग्निशमन यंत्र और अन्य आपातकालीन सुरक्षा उपकरणों की जांच की।

अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी गोदामों में अग्नि सुरक्षा से जुड़े मानकों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि सुरक्षा उपकरण सिर्फ दिखावे के लिए नहीं, बल्कि पूरी तरह कार्यशील स्थिति में होने चाहिए। किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी।

बीजापुर हादसे के बाद अलर्ट मोड में प्रशासन

दरअसल, हाल ही में पड़ोसी जिला बीजापुर के तेंदूपत्ता गोदाम में भीषण आगजनी की घटना सामने आई थी, जिसमें भारी नुकसान हुआ था। इसी घटना के बाद सुकमा प्रशासन ने जिलेभर के गोदामों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी है।

प्रशासन का मानना है कि गर्मी के मौसम में तेंदूपत्ता गोदामों में आग लगने की आशंका अधिक रहती है, इसलिए सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह की ढिलाई खतरनाक साबित हो सकती है।

24 घंटे निगरानी और सुरक्षा गार्डों को अलर्ट रहने के निर्देश

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने गोदामों की 24×7 निगरानी सुनिश्चित करने और सुरक्षा गार्डों को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए। साथ ही गोदाम परिसर में अनाधिकृत लोगों की आवाजाही रोकने और बिजली व्यवस्था की नियमित जांच करने को भी कहा गया।

प्रशासन का कहना है कि जिले की महत्वपूर्ण वनोपज संपदा को सुरक्षित रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए पूरे जिले में तेंदूपत्ता गोदामों की सुरक्षा को लेकर चाक-चौबंद व्यवस्थाएं लागू की जा रही हैं।

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