महासमुंद शिक्षकों की कमी से ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, स्कूलों में जड़ा ताला, अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे

महासमुंद : जिले के पिथौरा विकासखंड के ग्राम ठाकुरदिया कला में ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है। शिक्षकों की कमी से तंग आकर उन्होंने शासकीय प्राथमिक और मिडिल स्कूल दोनों में ताला जड़ दिया। बच्चों का भविष्य दांव पर लगने से नाराज ग्रामीण अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए। क्या है पूरा मामला? पढ़िए हमारी खास रिपोर्ट
महासमुंद जिले के पिथौरा ब्लॉक में स्थित ठाकुरदिया कला गांव का यह शासकीय प्राथमिक शाला है। आज सुबह से यहां ताला लटक रहा है। ग्रामीणों ने न सिर्फ प्राइमरी स्कूल बल्कि पास के मिडिल स्कूल में भी तालाबंदी कर दी है। वजह – लंबे समय से शिक्षकों की भारी कमी।
यहां बालवाड़ी से पांचवीं तक 72 बच्चे पढ़ते हैं, लेकिन सिर्फ एक शिक्षिका पदस्थ हैं। शिक्षा सत्र शुरू हुए छह महीने बीत गए, मगर अतिरिक्त शिक्षक की व्यवस्था नहीं हुई। नतीजा – बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह ठप। इतना ही नहीं, मिडिल स्कूल में चल रही अर्धवार्षिक परीक्षाएं भी इस तालाबंदी से प्रभावित हो गई हैं।
सरकार शिक्षा की बात करती है, लेकिन गांव के स्कूलों की हालत देखिए। अनिश्चितकालीन ताला बंद रहेगा। बच्चों को अच्छी पढ़ाई का हक है, इसे कोई छीन नहीं सकता।
मौके पर संकुल समन्वयक पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीण टस से मस नहीं हुए। उनका साफ कहना है – शिक्षक आएंगे तभी ताला खुलेगा। यह मामला छत्तीसगढ़ के कई ग्रामीण स्कूलों में शिक्षक कमी की बड़ी समस्या को उजागर करता है, जहां युक्तियुक्तकरण के बावजूद जमीनी हकीकत नहीं बदली।
हमारे बच्चों का भविष्य बर्बाद हो रहा है। एक शिक्षिका से सब कैसे संभालेंगी? कई बार कलेक्टर साहब और शिक्षा विभाग को शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं। अब ताला खोलेंगे नहीं, जब तक शिक्षक नहीं आएंगे।



