Chhattisgarh Gaudham Yojana: गोधन की सुध लेने साय सरकार कल से शुरू करने जा रही ‘गौधाम योजना’, करोड़ों रुपए का बजट तैयार

रायपुर: Chhattisgarh Gaudham Yojana: छत्तीसगढ़ में पशुधन संरक्षण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ‘गौधाम योजना’ की शुरुआत करने जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय गुरुवार को तखतपुर क्षेत्र के लाखासार गांव से इस योजना का औपचारिक शुभारंभ करेंगे।
गौधाम में पशुओं के लिए बेहतर व्यवस्था (Gaudham Yojana in CG)
Chhattisgarh Gaudham Yojana: कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि गौधाम योजना के तहत बनाए जाने वाले केंद्रों में पशुओं के लिए चारे, पानी और स्वास्थ्य संबंधी बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही यहां लावारिस पशुओं के संरक्षण की भी व्यवस्था होगी। मंत्री नेताम ने इस मुद्दे पर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछली सरकार में गोबर खरीदी को लेकर भारी गड़बड़ियां हुई थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि “कांग्रेस की सरकार में गोबर सिर्फ कागजों में खरीदा गया। जितने पशु नहीं थे, उससे ज्यादा गोबर बेचने के रिकॉर्ड बनाए गए।” उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस नेताओं को समय के साथ वास्तविकता समझ में आएगी।
बजट में मिला विशेष महत्व (Chhattisgarh budget 2026)
Chhattisgarh Gaudham Yojana: गौरतलब है कि राज्य सरकार ने 24 फरवरी 2026 को विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया था जिसमें गौधाम योजना को विशेष महत्व दिया गया है। करीब 1.72 लाख करोड़ रुपये के कुल बजट में ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पशुपालन को मजबूत करने के लिए इस योजना में ठोस प्रावधान किए गए हैं। सरकार की योजना के अनुसार पुराने गौठानों को उन्नत ‘गौधाम’ में बदला जाएगा जहां लावारिस पशुओं के संरक्षण के साथ-साथ चारा और स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर की जाएंगी। सरकार ने गौशालाओं को दिए जाने वाले अनुदान में भी बढ़ोतरी की है। अब प्रति मवेशी मिलने वाली राशि 25 रुपये से बढ़ाकर 35 रुपये प्रतिदिन कर दी गई है। इसके अलावा गौधाम योजना में काम करने वाले गौसेवकों और चरवाहों को हर महीने 10 हजार से 13 हजार रुपये तक का मानदेय देने का भी प्रावधान किया गया है।



