स्कूलों में जीवन रक्षक प्रशिक्षण: बच्चों ने सीखी CPR और सांप के डसने पर प्राथमिक उपचार तकनीक

गरियाबंद। भुवनेश्वर से आई एनडीआरएफ की टीम ने देवभोग में एनसीसी कैडेट और स्कूली छात्रों को आपदा प्रबंधन और जीवन रक्षक कौशल का प्रशिक्षण दिया, जिससे वे आपातकाल में किसी व्यक्ति की मदद कर सकें।
बटालियन के सबइंस्पेक्टर वी के मीणा के नेतृत्व में टीम के मास्टर ट्रेनर राकेश पोथल, एसके साहू, पार्थ साईं ने आपदा की स्थिति में प्राथमिक उपचार, सीपीआर, गला घुटने की स्थिति में बचाव, खून बहने की स्थिति में नियंत्रण, सांप काटने पर प्राथमिक उपचार, बादल फटने के दौरान सुरक्षा उपाय के अलावा बाढ़ के दरम्यान आने वाले दिक्कत और बचाव पर बुद्धिमता और साहस का परिचय देते हुए कैसे बचाव कार्य करे, इसकी एक-एक बारीकियों को बताया।
जिले के पांचों ब्लॉक में करेंगे आयोजन.
आयोजन के उद्देश्य को बताते हुए टीम लीडर वीके मीणा ने कहा इस कार्यक्रम के जरिए समुदाय की आपदा सहनशीलता बढ़ाना,सुरक्षा के लिए प्रेरित करना, आपातकाल के स्थिति से निपटने व्यवहारिक कौशल में निपुण करना है। उन्होंने कहा कि आयोजन जिले के पांच ब्लॉक में नदी के तटीय इलाके में बसाहट वाले संभावित आपदा क्षेत्र ने परीक्षण देंगे। 25 अप्रैल तक चलने वाले इस महत्वपूर्ण कार्यशाला को कोपरा, सुरसाबान्धा, मालगांव, सरकड़ा, साराग़ांव, सरकड़ा, जाडापदर, कुल्हाड़ीघाट में भी आयोजित करेंगे.



