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पवन खेड़ा को झटका: गुवाहाटी हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत याचिका खारिज, गिरफ्तारी की आशंका बढ़ी

Pawan Khera: असम सीएम हिमंत बिस्वा सरमा (Himanta Biswa Sarma) की पत्नी रिनिकी भुयन सरमा (Riniki Bhuyan Sharma) के 3 पासपोर्ट वाले मामले में कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को गुवाहाटी हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। गुवाहाटी हाईकोर्ट ने पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। सुप्रीम कोर्ट से याचिका खारिज होने के बाद उच्च न्यायालय के निर्देश पर गुवाहाटी हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। मामले पर सुनवाई करने के बाद हाईकोर्ट ने पवन खेड़ा की याचिका कारिज कर दी है।

गुवाहाटी हाईकोर्ट के फैसले के बाद पवन खेड़ा पर गिरफ्तारी की तलवार लटक गई है। मामले में असम पुलिस कार्रवाई करते हुए कांग्रेस नेता को गिरफ्तार कर सकती है। याचिका असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा की पत्नी ने खेड़ा के खिलाफ दायर की थी, क्योंकि कांग्रेस नेता ने उनपर आरोप लगाया था उनके पास कई पासपोर्ट हैं।

इस मामले में गुवाहाटी हाईकोर्ट में मंगलवार को सुनवाई हुई थी। इसके बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। न्यायमूर्ति पार्थिव ज्योति सैकिया की एकल पीठ ने दोनों पक्षों को तीन घंटे से ज्यादा समय तक सुनने के बाद अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था। वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से खेड़ा की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने दलील दी कि कांग्रेस नेता के आरोपों के जवाब में मुख्यमंत्री शर्मा की टिप्पणी, खासकर राज्य में विधानसभा चुनावों के संदर्भ में राजनीतिक बदले की भावना की ओर इशारा करती है। सिंघवी ने कहा कि याचिकाकर्ता के देश से भागने का कोई खतरा नहीं है और उनकी गिरफ्तारी की कोई आवश्यकता नहीं है।

तीन घंटे तक चली थी सुनवाई.
न्यायमूर्ति पी.जे. सैकिया की अदालत में यह सुनवाई लगभग तीन घंटे तक चली, जिसमें दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस और जवाबी तर्क-वितर्क हुए। इस दौरान पवन खेड़ा के वकील ने यह तक तर्क दिया था कि कांग्रेस नेता के देश से भागने का कोई खतरा नहीं है और उन्हें गिरफ्तार करने की कोई जरूरत नहीं है।

पवन खेड़ा पर इन धाराओं में केस.
यह FIR गुवाहाटी क्राइम ब्रांच पुलिस स्टेशन में BNS की धाराओं 175 (चुनाव के संबंध में झूठा बयान), 35, 36, 318 (धोखाधड़ी), 338 (कीमती वसीयत, प्रतिभूति आदि की जालसाज़ी), 337 (कोर्ट के रिकॉर्ड या सार्वजनिक रजिस्टर आदि की जालसाज़ी), 340 (जाली दस्तावेज़ या इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड बनाना और उसे असली के तौर पर इस्तेमाल करना), 352 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करना), और 356 (मानहानि) के तहत दर्ज की गई है।

पवन खेड़ा ने क्या आरोप लगाए थे.
दरअसल कांग्रेस के मीडिया सेल के प्रमुख पवन खेड़ा ने 5 अप्रैल को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर असम के सीएम हिमंता बिस्वा सरमा की पारिवारिक संपत्ति और वित्तीय लेन-देन को लेकर उनपर और उनकी पत्नी पर कई आरोप लगाएं थे। इसके साथ, उन्होंने कहा, ‘मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी के पास तीन अलग-अलग पासपोर्ट कैसे हैं? उनको तीन पासपोर्ट रखने की क्या जरूरत है? क्या वे कोई अपराधी हैं?’

उन्होंने सवाल उठाया कि क्या हिमंता बिस्वा सरमा के पास के भी एक से ज्यादा पासपोर्ट मौजूद हैं? क्या वे असम चुनाव हारने के बाद कहीं भागने की तैयारी में हैं? उन्होंने असम सीएम पर आरोप लगाते हुए कहा, ‘हिमंता बिस्वा सरमा की पूरी राजनीति मुसलमानों के खिलाफ नफरत पर आधारित है, लेकिन उनकी पत्नी दो मुस्लिम देशों के पासपोर्ट रखती हैं, कैसे? भारत के कानून के हिसाब से आप दोहरी नागरिकता नहीं रख सकते, तो क्या रिंकी भुइयां सरमा भारत का पासपोर्ट भी रखती हैं? क्या देश के गृहमंत्री अमित शाह को ये जानकारी थी कि उनके दत्तक पुत्र की पत्नी 3 पासपोर्ट रखती हैं? गृहमंत्री अमित शाह जवाब दें- क्या वो SIT बिठाकर इस मामले की जांच कराएंगे?’

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