Hindi newsInternationalPolitics

चीन दौरे पर बिना फोन और लैपटॉप के गए ट्रंप के अधिकारी, अमेरिकी डेलीगेशन को दी गई विशेष हिदायत

डोनाल्ड ट्रंप के चीन दौरे को लेकर अमेरिकी मीडिया ने बड़ी खबर दी है. अमेरिकी डेलीगेशन चीन दौरे पर जासूसी के डर से विशेष सावधानी बरत रहा है. यही कारण है कि अमेरिकी डेलीगेशन के सदस्य अपने फोन और लैपटॉप छोड़कर चीन गए हैं. उनके पास जो फोन और लैपटॉप हैं, वो टेम्परेरी हैं. डेलिगेशन को हिदायत दी गई है कि जहां तहां USB का इस्तेमाल ना करें.

दौरे के बाद इन डिवाइस को नष्ट या फॉर्मेट कर दिया जाएगा ताकि अमेरिकी नेटवर्क में कोई संभावित वायरस या डेटा ब्रीच न हो.

अमेरिकी डेलीगेशन को बिल्कुल नए और खाली फोन-लैपटॉप दिए गए हैं. इनमें कोई पुराना डेटा या पर्सनल जानकारी नहीं है. इन डिवाइस का इस्तेमाल सिर्फ चीन दौरे के दौरान जरूरी बातचीत के लिए होगा. दौरे के बाद इन सभी फोन और लैपटॉप को नष्ट कर दिया जाएगा या पूरी तरह फॉर्मेट कर दिया जाएगा ताकि कोई वायरस अमेरिकी नेटवर्क में न आ सके.

अमेरिकी अधिकारियों और खुफिया एजेंसियों ने हाल के दिनों में चीन की ओर से बढ़ती जासूसी गतिविधियों को लेकर गंभीर चिंता जताई है। यह चिंता मई 2026 में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बीजिंग यात्रा के बीच और अधिक बढ़ गई है।

अमेरिकी डेलीगेशन चीन दौरे पर जासूसी के डर से विशेष सावधानी बरत रहा है. अधिकारियों ने अपने निजी फोन और लैपटॉप छोड़ दिए हैं और केवल अस्थायी, खाली डिवाइस का इस्तेमाल कर रहे हैं. दौरे के बाद इन डिवाइस को नष्ट या फॉर्मेट कर दिया जाएगा ताकि अमेरिकी नेटवर्क में कोई संभावित वायरस या डेटा ब्रीच न हो. ट्रंप 9 साल बाद चीन पहुंचे हैं.

इसका मतलब ये है कि अमेरिकी सरकार ने पहले ही मान लिया था कि चीन में उनके हर डिजिटल डिवाइस पर नजर रखी जाएगी इसलिए उन्होंने फोन और लैपटॉप छोड़कर चीन जाने का फैसला किया. जो फोन और लैपटॉप उनके साथ हैं, वो सिर्फ वहीं तक के इस्तेमाल के लिए हैं. बाद उसे फॉर्मेट कर दिया जाएगा या फिर उसे नष्ट कर दिया जाएगा.

ट्रंप के इस दौरे का मकसद दोनों देशों के बीच व्यापार को बढ़ाना. व्यापार को लेकर चल रहे विवादों को शांत रखना. इसके अलावा ईरान युद्ध और ताइवान को अमेरिका द्वारा हथियार बेचे जाने जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा करना है.

2017 के बाद डोनाल्ड ट्रंप पहली बार चीन के दौरे पर गए हैं. पिछले 10 साल में किसी भी मौजूदा अमेरिकी राष्ट्रपति की यह पहला चीन दौरा है. गुरुवार को बीजिंग में ट्रंप और जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय बैठक हुई.

अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी अधिकारियों को चीन में जासूसी का डर सता रहा है. यही कारण है कि अमेरिकी डेलीगेशन के सदस्य अपने फोन और लैपटॉप छोड़कर चीन गए हैं. उनके पास जो फोन और लैपटॉप हैं, वो टेम्परेरी हैं. अमेरिकी डेलिगेशन को हिदायत दी गई है कि जहां तहां USB का इस्तेमाल ना करें.

Related Articles

Back to top button