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क्या कम होगी सोने की दीवानगी? पीएम मोदी की अपील के बाद 10 में से 6 भारतीयों ने लिया यह बड़ा फैसला, सर्वे में खुलासा!

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चंद रोज पहले पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने के साथ-साथ सालभर तक सोना खरीदने से परहेज करने की नसीहत दी थी. अब मोदी की बात पर देशवासी कितना भरोसा करते हैं, इस बात की पड़ताल करने जब सर्वे करने वाली कंपनी LocalCircles की टीम निकली तो आंकड़े चौंकाने वाले निकले.

LocalCircles के सर्वे के अनुसार, ज्यादा से ज्यादा भारतीय गैर-जरूरी सोने की खरीद में कटौती करने को तैयार दिख रहे हैं. रिपोर्ट में पाया गया कि 61% लोग जो नियमित रूप से सोना खरीदते हैं, उन्होंने कहा कि वे अगले साल गैर-जरूरी खरीद से बचेंगे. ये नतीजे ऐसे समय में आए हैं जब बढ़ती वैश्विक कीमतों और आर्थिक अनिश्चितता के बीच भारत का सोने का आयात बिल तेज़ी से बढ़ा है. आयात की मात्रा में थोड़ी कमी के बावजूद, देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव बढ़ गया है.

सोने का आयात बिल बढ़ा

रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने 2026 के वित्तीय वर्ष के दौरान लगभग 71.98 अरब डॉलर का सोना आयात किया. यह 2025 में दर्ज 58 अरब डॉलर से 24% से ज़्यादा की बढ़ोतरी है. हालांकि, आयात किए गए सोने की वास्तविक मात्रा में मामूली गिरावट आई, लेकिन आसमान छूती अंतरराष्ट्रीय कीमतों ने कुल आयात बिल को रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचा दिया.

रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि सोने और चांदी का संयुक्त आयात बढ़कर लगभग 102.5 अरब डॉलर हो गया. लगातार चल रहे भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक बाज़ार में उतार-चढ़ाव के बीच यह मुद्दा नीति निर्माताओं के लिए बढ़ती चिंता का विषय बन गया है.

खरीदने के व्यवहार में बदलाव

84,000 लोगों के बीच किए गए इस सर्वे से पता चला कि प्रधानमंत्री की अपील का असर शायद अभी से ही लोगों की सोच पर पड़ने लगा है. लगभग 28% लोगों ने कहा कि वे सोने की खरीद में काफ़ी कमी करने की योजना बना रहे हैं, जबकि 36% ने कहा कि वे अगले साल बिल्कुल भी सोना खरीदने का इरादा नहीं रखते हैं.

वहीं 66% लोगों ने इस बात से सहमति जताई कि आर्थिक अनिश्चितता के दौर में सोने की खरीद को कुछ समय के लिए सीमित करने से भारत के विदेशी मुद्रा भंडार को मज़बूत करने में मदद मिल सकती है.

हालांकि, हर कोई अपनी पुरानी खरीदने की आदतों को बदलने के लिए तैयार नहीं है. लगभग 19% लोगों ने कहा कि सरकार की अपील के बावजूद वे शादियों, त्योहारों और पारिवारिक परंपराओं के लिए सोना खरीदना जारी रखेंगे. कुछ लोगों ने यह भी कहा कि अनिश्चित समय में सोना निवेश के सबसे सुरक्षित विकल्पों में से एक बना हुआ है, और उन्होंने कहा कि वे सरकारी सलाह की परवाह किए बिना इस कीमती धातु में निवेश करना जारी रखेंगे.

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