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पीएम मोदी की महाबैठक: चार घंटे चली मंत्रिपरिषद की बड़ी बैठक, 9 मंत्रालयों ने कामकाज का रिपोर्ट कार्ड पेश किया, इन मुद्दों पर हुई चर्चा

PM Modi Cabinet Meeting: पांच देशों की मैराथन विदेश यात्रा से लौटते ही पीएम नरेंद्र मोदी ने मंत्रिपरिषद की बड़ी बैठक ली। करीब साढ़े चार घंटे चली पीएम मोदी की महाबैठक में 2047 के विजन, ईज ऑफ लिविंग और रिफॉर्म्स पर जोर दिया गया। मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल के दो साल पूरे होने से चंद दिन पहले हुई महाबैठक में पश्चिम एशिया संकट और उसके आर्थिक असर पर भी चर्चा हुई। बैठक में 9 मंत्रालयों ने कामकाज का रिपोर्ट कार्ड पेश किया। बैठक में केंद्र सरकार के सभी कैबिनेट मंत्री, स्वतंत्र प्रभार वाले राज्यमंत्री और बाकी राज्यमंत्री भी शामिल हुए।

 

बैठक की जानकारी सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए पीएम मोदी ने लिखा- कल काउंसिल ऑफ़ मिनिस्टर्स की एक अच्छी मीटिंग हुई। हमने ‘Ease of Living’, ‘Ease of Doing Business’ को बढ़ावा देने और विकसित भारत के हमारे साझा सपने को पूरा करने के लिए और सुधार कैसे किए जाएं, इस बारे में अपने नज़रिए और बेस्ट प्रैक्टिस शेयर किए।

बैठक में 9 मंत्रालयों ने अपना-अपना काम बैठक में पेश किया. सबसे पहले कॉमर्स मंत्रालय ने प्रेजेंटेशन दी। इसके बाद पेट्रोलियम, गृह मंत्रालय, वित्त और विदेश मंत्रालय जैसे अहम मंत्रालयों के काम का भी रिव्यू हुआ। मंत्रालयों से पहले ही कहा गया था कि वे अपने सुधारों को चार हिस्सों में बांटकर बताएं। पहला, कानून में बदलाव. दूसरा, नियमों में बदलाव। तीसरा, नीति में बदलाव। जबकि चौथा, काम करने के तरीके में बदलाव. साथ ही यह भी बताना था कि इन बदलावों का आम लोगों पर क्या असर पड़ा।

पीएम मोदी ने मंत्रियों को क्या कहा?

पीएम मोदी ने मंत्रियों को साफ निर्देश दिए कि 2047 को ध्यान में रखकर काम करें। यानी भारत को 2047 तक एक विकसित देश बनाने का जो लक्ष्य है, उसे हमेशा सामने रखें। उन्होंने ‘ईज ऑफ लिविंग’ यानी आम लोगों की जिंदगी को आसान बनाने पर और सुधारों पर जोर दिया।

पश्चिम एशिया संकट पर भी हुई बात

बैठक में इस पश्चिम एशिया संकट के कारण उत्पन्न हुई ऊर्जा संकट और इससे भारत की इकोनॉमी पर पड़ने वाले असर को लेकर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने मंत्रियों को कहा कि ऐसे कदम उठाए जाएं जिससे इस संकट की वजह से आम नागरिकों को कम से कम परेशानी हो। खासतौर पर एनर्जी, खेती, खाद, एविएशन, शिपिंग और लॉजिस्टिक्स जैसे सेक्टरों पर खास ध्यान दिया गया।

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