ट्विन सिटी राउंडअप: पूर्णता की ओर रावघाट रेल लाइन, दुर्ग में पारा 45 डिग्री के पार; लाखों फूंकने के बाद भी स्ट्रीट डॉग्स का आतंक बरकरार

बहु प्रतीक्षित रावघाट रेल लाइन परियोजना अंतिम चरण में है। 20 मई को रावघाट रेलखंड पर इंजन की सफल रोलिंग के बाद रावघाट माइंस से सीधे रेल रेक संचालन का मार्ग लगभग प्रशस्त हो गया है। अक्टूबर से सीधे रावघाट से रेक संचालन होने की संभावना है।
वर्ष 2008 में इस परियोजना के लिए हुए एमओयू हुआ था। करीब 95 किलोमीटर लंबी यह रेल परियोजना सामान्य निर्माण कार्य नहीं थी। नक्सल प्रभावित और अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र से गुजरने वाली इस लाइन के निर्माण में सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती रही । गृह मंत्रालय के निर्देशानुसार दल्लीराजहरा से रावघाट तक के आंतरिक क्षेत्रों में सेल द्वारा 4 अर्ध-स्थायी तथा 21 स्थायी सुरक्षा शिविरों का निर्माण कराया गया, जिस पर सेल द्वारा 180 करोड़ रुपये से अधिक की राशि व्यय की गई।
रेलवे निर्माण कार्य भारतीय रेलवे द्वारा सेल के वित्तीय सहयोग से किया जा रहा है, जबकि निर्माण एजेंसी रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) है। रेल लाइन निर्माण की अनुमानित लागत लगभग 1854 करोड़ रुपये है, जिसमें से सेल – भिलाई इस्पात संयंत्र अब तक लगभग 1720 करोड़ रुपये का भुगतान कर चुका है।
इसके अतिरिक्त रेलवे लाइन के विद्युतीकरण कार्य के लिए भी संयंत्र द्वारा लगभग 180 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि व्यय की गई है। वर्ष 2010 में प्रारंभ हुए इस कार्य में अप्रैल 2026 तक रावघाट स्टेशन भवन, यात्री सुविधाओं तथा सिग्नलिंग एवं दूरसंचार कार्य को छोड़कर अधिकांश निर्माण पूरा किया जा चुका है। कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (सीआरएस) निरीक्षण सहित पूर्ण कमीशनिंग जून 2026 में प्रस्तावित है।
कुम्हली सहकारी समिति में 690 क्विंटल धान व 3057 नग बारदाने गायब
दुर्ग। जिले के पाटन विकास खंड अंतर्गत कुम्हली सहकारी समिति में 690 . 70 क्विंटल धान एवं 3057 नग बारदाने गायब गायब पाए गए है। जांच में इसके खुलासे के बाद दोषी अधिकारी एवं कर्मचारियों पर एफआईआर के आदेश जारी किए गए है। गत खरीफ सीजन में उपार्जित धान का शॉर्टेज के मामले में यह पहली बड़ी कार्रवाई है।
जानकारी के मुताबिक, सेवा सहकारी समिति एवं धान उपार्जन केन्द्र कुम्हली की 23 अप्रैल को खाद्य एवं सहकारिता विभाग के अधिकारियों द्वारा आकस्मिक जांच की गई। इस दौरान किए गए भौतिक सत्यापन में कुल 690.70 क्विं. धान तथा कुल 3057 नग बारदाना कम प्राप्त हुआ। इसे जांच टीम ने धान उपार्जन केन्द्र कुम्हली के अधिकारियों- कर्मचारियों द्वारा गंभीर अनियमितता किया जाना माना है।
खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समिति, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्या. दुर्ग एवं विपणन संघ के मध्य निष्पादित त्रिपक्षीय अनुबंध की कण्डिका 12 (8) के अनुसार समिति स्तर पर दोषी पाए गए अधिकारियों- कर्मचारियों पर आवश्यक वैधानिक कार्यवाही किया जाना है।
इसलिए कलेक्टर के अनुमोदन पश्चात खाद्य नियंत्रक ने उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं को प्रकरण में धान उपार्जन केन्द्र एवं सेवा सहकारी समिति कुम्हली के संबंधित समिति प्रबंधक, प्राधिकृत अधिकारी एवं अन्य दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरूद्ध संबंधित थाने में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर अवगत करने के निर्देश दिए। उक्त आदेश के बाद जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के जामगांव आर शाखा प्रबंधक ने थाना प्रभारी जामगांव आर को एफ आई आर दर्ज करने आज आवेदन भी कर दिया है।
दुर्ग में 45 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंचा पारा
दुर्ग। दुर्ग में एक बार फिर पारा 45 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया है। आज सुबह से दिन भर गर्म हवाएं चलती रही, जिसकी वजह दोपहर में सड़कों सामान्य दिनों की तुलना में पहल पहल कम थी आज सामान्य से अधिक तापमान रहा।
जानकारी के मुताबिक, दुर्ग में आज अधिकतम तापमान 44.2 डिग्री सेल्सियस रहा जोकि सामान्य से 0.8 डिग्री अधिक है। वहीं न्यूनतम तापमान 27.2 डिग्री सेल्सियस रहा जो सामान्य से 1.9 डिग्री कम है। मौसम विभाग के अनुसार आगामी 4 दिनों में तापमान में 1 से 3 डिग्री वृद्धि की संभावना है। प्रदेश में माना में आज सर्वाधिक अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
एक-दो पैकेट में ग्रीष्म लहर की चेतावनी – इधर मौसम ने अलर्ट जारी करते हुए आगामी 5 दिनों में एक-दो पैकेट में ग्रीष्म लहर चलने की चेतावनी दी है। पिछले दो दिनों में दुर्ग में अधिकतम तापमान 2 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हुई है। विभाग के अनुसार एक चक्रवाती परिसंचरण पूर्वी उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्र के ऊपर समुद्र तल से 0.9 किमी ऊपर स्थित है। इसी प्रकार एक द्रोणिका पूर्वी उत्तर प्रदेश से लेकर झारखंड उत्तरी छत्तीसगढ़ और आंतरिक उड़ीसा से होते हुए दक्षिणी तटीय उड़ीसा तक फैला हुआ है और समुद्र तल से 0.9 किमी ऊपर स्थित है।
बधियाकरण में हर साल लाखों फूंकने के बाद कम नहीं हो रहे स्ट्रीट डॉग
दुर्ग। शहर में आवारा कुत्तों के आतंक से लोग डरे हुए है। आए दिन किसी ने किसी मोहल्ले में आवारा कुत्ते के काटने की खबर मिलती है। हैरान करने वाली बात यह है कि साल दर साल लाखों रुपए फ़ूकने के बाद भी आवारा कुत्तों की संख्या में कमी नहीं दिखाई पड़ रही है । भले ही आवारा कुत्तों की बढ़ती जनसंख्या को नियंत्रित करने नगर निगम दुर्ग द्वारा बधियाकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है। मगर सच्चाई ये है कि शहर के हर गली मोहल्ले में झुंड के झुंड पर कुत्ते नजर आते हैं।
निगम के अनुमानित आंकड़ों के अनुसार, शहर में आवारा कुत्तों की संख्या करीब 8000 है। इनमें से पिछले 5 वर्षों में करीब 6000 से अधिक कुत्तों का बधियाकरण किया जा चुका है। आवारा कुत्तों के बधियाकरण किए जाने का टेंडर स्नेह एनिमल वेलफेयर हरियाणा को मिला है। इसके पहले छत्तीसगढ़ एनिमल सेवियर समिति भिलाई ने आवारा कुत्तों के बधियाकरण का ठेका लिया था ।
कुत्तों का बधियाकरण पुराना बस स्टैंड के पास पर पशु चिकित्सालय में किया जाता है। हरियाणा की टीम पोटिया स्थित एसएलआरएम सेंटर के पास बधियाकरण करेगी। सड़कों से आवारा कुत्तों को पकड़ना, गाड़ी में रखना, सर्जरी, मेडिसिन तथा रेबीज का इंजेक्शन देने का कार्य यह टीम करेगी। उसके बाद 5 दिनों तक आवारा कुत्तों को निगरानी में रखा जाएगा। टीम लीडर डॉ संजय ने बताया कि आवारा कुत्ता पकड़ने में स्थानीय पब्लिक को सहयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि 6 माह से ज्यादा उम्र के मेल तथा फीमेल आवारा कुत्तों को पकड़ा जाता है।
भिलाई निगम में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 6 अधिकारियों की जिम्मेदारी बदली
भिलाईनगर। प्रशासनिक कारणों से भिलाई नगर निगम ने जारी कार्य विभाजन आदेश में आंशिक संशोधन किया है। नए आदेश के तहत 6 वरिष्ठ अधिकारियों को अस्थायी रूप से नए दायित्व सौंपे गए हैं। यह व्यवस्था आगामी आदेश तक प्रभावी रहेगी।
अधीक्षण अभियंता अजीत कुमार तिग्गा को अब प्रभारी मुख्य अभियंता बनाए गए हैं। इन्हें 2 करोड़ से अधिक के सभी विकास कार्यों का निरीक्षण, जोन-4 व 5 का नोडल अधिकारी, पीएम आवास योजना, मुख्यमंत्री जेनेरिक मेडिकल स्टोर, जलशक्ति अभियान, एक पेड़ माँ के नाम अभियान, लोक सेवा गारंटी, विद्युत प्रकाश व्यवस्था, 14वें – 15वें – 16वें वित्त आयोग, सिटी डेव्हलपमेंट प्लान, नगरोत्थान योजना समेत 25 महत्वपूर्ण दायित्व सौंपे गए हैं।
इसी तरह कायर्पालन अभियंता वेशराम सिन्हा को प्रभारी अधीक्षण अभियंता के रूप में जोन-1, 2 व 3 का प्रभार दिया गया। साथ ही कम्प्यूटर शाखा, जन स्वास्थ्य विभाग, उद्यान विभाग, भवन संधारण, सेंट्रल स्टोर, विद्युत प्रकाश, वाहन शाखा, स्टेशनरी निविदा और जनसूचना अधिकारी का दायित्व । एक पेड़ माँ के नाम अभियान के सहायक नोडल अधिकारी भी बनाए गए।
उपायुक्त दिनेश कोसरिया को जोन-1 नेहरू नगर के जोन आयुक्त के साथ राजस्व विभाग, संपदा विभाग, जनगणना, शासकीय भूमि पर अतिक्रमण रोकने के नोडल अधिकारी, ईडब्ल्यूएस भूमि संरक्षण, अवैध प्लाटिंग पर कार्रवाई आवास- गुमटी शाखा के प्रभारी बनाए गए।
उपायुक्त नरेंद्र बंजारे को उपायुक्त विधि, स्थापना शाखा, खाद्य शाखा, विभागीय जाँच अधिकारी, निर्वाचन कार्य, महिला-बाल विकास, पेंशन शाखा, समाज कल्याण विभाग, आदिम जाति विकास और पीएम आवास आबंटन अनुबंध के प्राधिकृत अधिकारी का दायित्व दिया गया। सहायक अभियंता अजय गौर को प्रभारी भवन अधिकारी, 77/66 एमएलडी वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के सहायक अभियंता, रेन वाटर हार्वेस्टिंग व एनर्जी ऑडिट के सहायक नोडल अधिकारी ।
विधानसभा प्रश्नों के उत्तर के लिए भी सहायक नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी मिली है। सहायक अभियंता अरविंद शर्मा को प्रभारी कायर्पालन अभियंता जोन वैशाली नगर के साथ निगम क्षेत्र की सभी खेल संरचनाओं के बेहतर प्रबंधन व संचालन के नोडल अधिकारी बनाए गए।
जोन आयुक्त येशा को जोन-2 वैशाली नगर के साथ जोन-5 सेक्टर-6 का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है । अतिक्रमण रोकने की सहायक नोडल अधिकारी, शासकीय संपत्तियों का डाटाबेस बनाने और निगम आय में वृद्धि की जिम्मेदारी दी गई है।
मेडिकल कालेज, जिला अस्पताल का ठेका वर्षों से एक ही समूह को
राजनांदगांव। मेडिकल कालेज से लेकर जिला में अस्पताल में एक ही संस्था को पिछले कई सालों से मरीजो को भोजन का ठेका दिए जाने से सवाल उठ रहे है। इस ठेका पध्दति में नियम कायदों का भी पालन नही किया जा रहा है। जागृति स्व सहायता समूह नामक संस्था पर इतनी मेहरबानी है कि, बगैर पारदर्शिता बरते प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, मेडिकल कालेज और जिला अस्पताल में एक ही जागृति महिला समूह को ठेका दिया जा रहा है। जबकि इस समूह को लेकर पूर्व में भी कई शिकायते सामने आ चुकी है। संस्था द्वारा अस्पताल में तय मेनू का पालन ही नही किया जाता है। जिला अस्पताल प्रबंधन की माने तो टेंडर प्रक्रिया के तहत जागृति महिला समूह को टेंडर दिया गया है, जबकि इसकी पारदर्शिता को लेकर सवाल उठ रहे है।
ऐसी कई अन्य संस्थाएं है, जो अस्पताल में कैटिंग संचालक की चाह रख रहे थे। लेकिन उन्हें अस्पताल में कैंटीन ठेके की जानकारी नही थी। हैरानी की बात है कि प्रबंधन पूरी पारदर्शिता से टेंडर कराने का दावा कर रही है, जबकि अन्य फर्म को इसकी भनक भी लगने नही दी जा रही है।
स्पेशल डाइट में ड्राई फ्रूट, मरीज अनजान
स्पेशल डाइट में शाम चार बजे मरीजों को ड्राई फ्रूट भी देना है, जिसमें काजू, किसमिश, बादाम, खूजर, सूखा नारियल, गुड़, छुहारा, तीन पीस ढोकला, चिक्की, मुर्रा, भुना चना, मूंगफली के आलावा दुध भी देना है। मरीजों से बात करने पर उन्होंने बताया कि ड्राई फूट की उन्हे जानकारी ही नही हैं। इस तरह मरीजो के मेनू अस्पताल प्रबंधन द्वारा जमकर मनमानी की जा रही हैं।
जीएम सोया मील के आयात की मिले अनुमति: बहादुर अली
राजनांदगांव। ऑल इंडिया पोल्ट्री ब्रीडर एसोसिएशन के अध्यक्ष व उद्योगपति बहादुर अली ने केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल से जीएम सोया मील के आयात की अनुमति तथा मूल्य स्थिरीकरण तंत्र लागू करने की मांग को लेकर पत्र लिखा है।
अली ने बताया कि जमीन पर सोयाबीन उत्पादन में वास्तविक गिरावट लगभग 85 एलएमटी तक होने के कारण सोया मील की तीव्र कमी उत्पन्न हुई है, जो आहार, पोल्ट्री, डेयरी, मत्स्य पालन पशु और एक्वा फीड के लिए एक प्रमुख प्रोटीन इनपुट है। वर्तमान में 50 प्रतिशत हाई-प्रो सोया मील की कीमत भारतभर में फीड फैक्ट्रियों तक डिलीवरी के आधार पर 77 रुपए प्रति किलोग्राम तक बढ़ गई है।
यह कीमतों में दिन-प्रतिदिन और सप्ताह दर सप्ताह लगातार वृद्धि की प्रवृत्ति प्रतीत होती है। इससे डेयरी, पोल्ट्री, एक्का और मछली पालक किसान इनपुट लागत में वृद्धि के कारण घबराहट में है । फीड उद्योग स्वयं भी इस लागत को वहन करने और व्यवहार्य रूप से उत्पादन करने की स्थिति में नहीं है। इस वृद्धि के कारण पोल्ट्री उत्पादों, दूध, मछली और झींगा की कीमतें भी बढ़ी है। पूर्व में इसी प्रकार की स्थिति में 12 एलएमटी जीएम सोया मील की अनुमति दी गई थी।
अली ने इस संकट से निपटने डेयरी, पोल्ट्री और एक्वा फीड उद्योग की ओर से अनुरोध करते कहा कि आयात कोटा स्वीकृत किया जाए, आयात नीति के लिए बाजार – संबद्ध तंत्र लागू किया जाए व स्टॉक लिमिट लागू की जाए। उन्होंने इस मामले में केंद्रीय मंत्री से हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया।



