ट्रंप के शांति प्रस्ताव के बाद भी अड़ा ईरान, अमेरिका को सख्त चेतावनी…..

US-Israel and Iran war: अमेरिका-इज़रायल और ईरान युद्ध के 24 दिन पूरे हो गए हैं। अमेरिका-इज़रायल के सामने ईरान ने झुकने से साफ इनकार कर दिया है और दोनों देशों के हमले का करारा जवाब दे रहा है। युद्ध अरबों रुपये खर्च होने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के तेवर अब ढीले पड़ रहे हैं। ट्रंप अब ईरान के साथ बात करने और शांति की बातें कर रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के ऊर्जा और पावर इंफ्रास्ट्रक्चर पर प्रस्तावित हमलों को पांच दिनों के लिए रोकने का ऐलान किया है। ट्रंप के शांति ऐलान के बाद भी ईरान ने अमेरिका-इजराइल के सामने झुकने से साफ इनकार कर दिया है। ईरान ने अमेरिका को धमकी देते हुए कहा कि शर्तें पूरी नहीं होने तक युद्ध जारी रहेगा।
ईरान के सैन्य सलाहकार मोहसेन रेज़ाई (Mohsen Rezaee) ने कहा कि ईरान पीछे हटने वाला नहीं है. रज़ाई ने कहा कि ईरान को अपने नुकसान का पूरा मुआवजा चाहिए। सभी आर्थिक प्रतिबंध हटाए जाने चाहिए और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह गारंटी दी जानी चाहिए कि अमेरिका आगे उनके मामलों में दखल नहीं देगा।
सैन्य सलाहकार मोहसेन रेज़ाई ने सख्त लहजा अपनाते हुए कहा कि इस बार जवाब पहले जैसा नहीं होगा। उन्होंने कहा कि यह आंख के बदले आंख नहीं बल्कि सिर के बदले सिर जैसा जवाब होगा और विरोधियों को गल्फ एरिया छोड़ना पड़ेगा। रज़ाई ने यह भी कहा कि ईरान की सेना पूरी ताकत के साथ कार्रवाई कर रही है और युद्ध के दौरान दबाव बनाए रखने के लिए लगातार ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं।
बेंजामिन नेतन्याहू की वजह से बढ़ी लड़ाई- ईरान
रेज़ाई ने दावा किया कि यह युद्ध एक हफ्ते पहले ही खत्म हो सकता था, क्योंकि अमेरिका इसके लिए तैयार था। हालांकि बेंजामिन नेतन्याहू ने लड़ाई जारी रखने का दबाव बनाया। उनके अनुसार, अमेरिका को अब यह समझ आ गया है कि इस युद्ध में जीत का कोई साफ रास्ता नहीं है। दूसरी तरफ, ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका की ईरान के एक बड़े नेता से बातचीत चल रही है और ईरान समझौता करना चाहता है। उन्होंने बताया कि अमेरिका के प्रतिनिधि स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनरने एक ईरानी नेता से बात भी की है, हालांकि उन्होंने उस नेता का नाम नहीं बताया। बता दें कि 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर ताबड़तोड़ हमले किए थे, जिससे युद्ध की शुरुआत हुई थी।



