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NEET पेपर लीक मामला: सुप्रीम कोर्ट बोला- NTA को UPSC से सीख लेने की जरूरत; केंद्र का जवाब- खुद PM मोदी रख रहे हैं नजर

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ा कदम उठाते हुए शुक्रवार को कहा कि वह इस पूरे मामले की जांच की खुद कुछ समय तक निगरानी करेगा। सुप्रीम कोर्ट ने परीक्षा आयोजित करने वाली संस्था ‘नेशनल टेस्टिंग एजेंसी’ (NTA) को कड़ी फटकार लगाते हुए इस घटना को युवाओं के लिए बेहद दुखत बताते हुए कहा कि जो हुआ वह बेहद दुखद है, युवाओं को इस तरह निराश नहीं किया जा सकता।

कोर्ट ने कहा कि, UPSC में तो आजतक इस तरह की बात सामने नहीं आई तो फिर NEET में बार बार ऐसा क्यों हो रहा है। इसपर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद इस मामले पर नजर रख रहे हैं ताकी कोई चूक न हो। बता दें कि, देशभर में 3 मई को NEET-UG परीक्षा हुई थी। 7 मई की शाम पेपर लीक की खबर सामने आई थी। 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी गई। 21 जून को री-एग्जाम होगा।

सुप्रीम कोर्ट ने पूछा- एजेंसी ने पिछली गलती से क्या सीखा

इससे पहले 25 मई को सुनवाई हुई थी। तब कोर्ट ने NTA को फटकार लगाई थी। जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने NTA को फटकारते हुए कहा था कि यह दुखद की बात है कि आपने (NTA) ने पहले हुए पेपर लीक मामले से कोई सबक नहीं लिया।

बेंच ने कहा था कि साल 2024 में भी पेपर लीक का मामला कोर्ट तक पहुंचा था। तब एक कमेटी बनाई गई थी, जिसने कई सिफारिशें दीं, जिन्हें स्वीकार भी किया गया था। NTA 28 मई तक हलफनामा दाखिल करे और बताए कि 2024 में दिए गए निर्देशों और मॉनिटरिंग कमेटी की सिफारिशों पर क्या कदम उठाए गए। कोर्ट ने मौजूदा मामले में केंद्र सरकार और CBI से भी जवाब मांगा था।

सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षा मंत्रालय को दिया हलफनामा दायर करने का निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने (केंद्र सरकार) शिक्षा मंत्रालय को निर्देश दिया है कि वह एक अलग हलफनामा दायर करे, जिसमें एक ऐसी व्यवस्था बनाने का ब्योरा दिया जाए जिसके तहत NEET परीक्षाओं को आयोजित करने और पूरा करने की प्रक्रिया को NTA द्वारा हर साल संस्थागत रूप से संचालित किया जा सके।

जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की पीठ ने साफ कहा कि इस हलफनामे में यह स्पष्ट रूप से बताया जाना चाहिए कि विशेष कर्मियों की तैनाती और विशेषज्ञों की एक व्यापक टीम के माध्यम से NTA के भीतर संस्थागत अनुभव और विशेषज्ञता को कैसे विकसित किया जाएगा।

कोर्ट ने केंद्र और NTA को दिया छह सप्ताह का दिया समय

कोर्ट ने टिप्पणी की कि इस प्रयास का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होना चाहिए कि NTA के पास 2024 और 2026 की NEET परीक्षा विवादों जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए आवश्यक भौतिक और बौद्धिक संसाधन मौजूद हों। कोर्ट ने इस मामले में केंद्र और NTA को अपनी कार्ययोजना पेश करने के लिए छह सप्ताह का समय दिया है।

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